Monday, June 11, 2007

भोमियो की मदद करें

भोमियो पर उर्दू से हिन्दी लिप्यंतरण की प्रक्रिया चल रही हैउस प्रक्रिया में भोमियो को आपकी मदद की जरूरत हैभोमियो पर कुछ दिनों पहले उर्दू से हिन्दी लिप्यंतरण की पहल शुरू हुई हैउर्दू के शब्द विन्यास को देखते हुए यह टिल काम था फिर भी जिस मेहनत से भोमियो ने यह काम किया, वह काबिले तारीफ हैइस शुरुआती कोशिश में जाहिर है, ढेर सारी चीजें छूट गयी हैं
भोमियो ने हार मानते हुए, उसे और बेहतर करने की कोशिश शुरू कर दी है। इसमें उन्हें उन सब लोगों के साथ की जरूरत है, जो उर्दू-हिन्दी पढ और समझ लेते हैंभोमियो ने अपनी वेबसाइट पर उर्दू अल्फाज की एक लम्बी फेहरिस्त दी है साथ में उसका हिन्दी रूप, जो भोमियो ने लिप्यंतरित किया है, उसकी फेहरिस्त भी साथ में दी गयी हैआपको यह बताना कि यह लिप्यंतरण कैसा है यानी ठीक है ...गलत है... या सही क्या होगाउसी आधार पर नया कैरेक्टर मैप तैयार करने की कोशिश होगी। उर्दू में एक बडी दिक्कत मात्राओं को लेकर है। उर्दू में मात्राओं को लिखने की परम्परा खत्म सी हो गयी है। इसलिए शब्द 'इस' है या 'उस' या फिर किसी शब्द में 'खु' है या 'खू' यह अंदाजा लगाना पाठक की अपनी जानकारी पर निर्भर रहता है। और जब पाठक मशीन हो तो आप अंदाजा लगा सकते हैं कि वह जो पढेगा, उसके लिए कितनी मुश्किल होगी। यही नहीं कई शब्दों के साथ भी दिक्कत है। हिन्दी में उन सब के लिए एक ही अक्षर इस्तेमाल होगा। इन जटिलताओं के बावजूद यह काम हो रहा है, इसकी जितनी तारीफ की जाये कम है।
अभय भाई जैसे कई दोस्त हैं, जिनका उर्दू, हिन्दी पर अच्छा अधिकार हैउन दोस्तों को चाहिए कि अपने व्यस्त कार्यक्रम में से थोडा वक्त निकालकर इसे बेहतर करने में भोमियो की मदद करें यहां क्लिक करें। यह प्रसव पीडा हैअगर हम भोमियो की मदद को आगे आयें तो पीडा सहने में उन्हें आसानी होगी

2 comments:

Shrish said...

काश मैं कुछ मदद कर पाता! :)

DR PRABHAT TANDON said...

सच बात है नासिर भाई , भौमियो की सहायता से मै आज अपने उन चन्द पाकिस्तानी चिकत्सकों के चिट्ठो को पढने मे कामयाब हुआ हूँ , भौमियो का यह प्रयास आगे चलकर मील का पत्थर साबित होगा , ऐसा मुझे आशा है और उन तमाम उर्दू प्रेमियों के लिये भी जो उर्दू न पढ सकने के बावजूद उर्दू मे लिखे लेखों को बेस्र्बी से पढना अवशय चाहते हैं.